आदि देव: नमस्तुभ्यम प्रसीद मम भास्कर । दिवाकर नमस्तुभ्यम प्रभाकर नमोअस्तु ते ॥
सप्त अश्व रथम आरूढम प्रचंडम कश्यप आत्मजम। श्वेतम पदमधरम देवम तम सूर्यम प्रणमामि अहम ॥ लोहितम रथम आरूढम सर्वलोकम पितामहम । महा पाप हरम देवम त्वम सूर्यम प्रणमामि अहम ॥
त्रैगुण्यम च महाशूरम ब्रह्मा विष्णु महेश्वरम । महा पाप हरम देवम त्वम सूर्यम प्रणमामि अहम ॥
बृंहितम तेज: पुंजम च वायुम आकाशम एव च । प्रभुम च सर्वलोकानाम तम सूर्यम प्रणमामि अहम ॥
बन्धूक पुष्प संकाशम हार कुण्डल भूषितम । एक-चक्र-धरम देवम तम सूर्यम प्रणमामि अहम ॥
तम सूर्यम जगत कर्तारम महा तेज: प्रदीपनम । महापाप हरम देवम तम सूर्यम प्रणमामि अहम ॥
फल स्रुथी
सूर्य-अष्टकम पठेत नित्यम ग्रह-पीडा प्रणाशनम । अपुत्र: लभते पुत्रम दरिद्र: धनवान भवेत ॥
आमिषम मधुपानम च य: करोति रवे: दिने । सप्त जन्म भवेत रोगी प्रतिजन्म दरिद्रता ॥
स्त्री तैल मधु मांसानि य: त्यजेत तु रवेर दिने । न व्याधि: शोक दारिद्रयम सूर्यलोकम गच्छति
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बुधवार, मार्च 07, 2012
शनिवार, फ़रवरी 04, 2012
Religion
Well Mao said religion is opium
and we have all read kabir's jibes on mullahs and pundits in our textbooks
i had read last lines of this poem of nida fazli at many places this is the first time got a chance to read it completely
"Bachcha bola dekhkar, masjid aalishaan
Allah tere ek ko, itna bada makaan?"
"Andar moorat par chadhe, ghee, poori, mishthan
Mandir ke baahar khada, Eeshwar maange daan"
"Ghar se masjid hai bahut door
Chalo yun kar lein
Kisi rote hue bachche ko
Hansaaya jaaye"
"बच्चा बोला देखकर, मस्जिद आलीशान
अल्लाह तेरे एक को, इतना बड़ा मकान?"
"अंदर मूरत पर चढ़े, घी, पूरी, मिष्ठान
मंदिर के बाहर खड़ा, ईश्वर माँगे दान"
"घर से मस्जिद है बहुत दूर
चलो यूँ कर लें
किसी रोते हुए बच्चे को
हंसाया जाए"
and we have all read kabir's jibes on mullahs and pundits in our textbooks
i had read last lines of this poem of nida fazli at many places this is the first time got a chance to read it completely
"Bachcha bola dekhkar, masjid aalishaan
Allah tere ek ko, itna bada makaan?"
"Andar moorat par chadhe, ghee, poori, mishthan
Mandir ke baahar khada, Eeshwar maange daan"
"Ghar se masjid hai bahut door
Chalo yun kar lein
Kisi rote hue bachche ko
Hansaaya jaaye"
"बच्चा बोला देखकर, मस्जिद आलीशान
अल्लाह तेरे एक को, इतना बड़ा मकान?"
"अंदर मूरत पर चढ़े, घी, पूरी, मिष्ठान
मंदिर के बाहर खड़ा, ईश्वर माँगे दान"
"घर से मस्जिद है बहुत दूर
चलो यूँ कर लें
किसी रोते हुए बच्चे को
हंसाया जाए"
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